विजय रत्नाकर गुट्टे द्वारा निर्देशित की गई फिल्म एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। इस ट्रेलर के आधार पर ही इन दिनों राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी बढ़ी हुई है। पूर्व प्रधानमन्त्री डॉ.मनमोहन सिंह के प्रधानमन्त्री बनने की कहानी को एक अचानक हुआ वाकया बताने वाली इस फिल्म में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी के साथ मनमोहन सिंह के तल्ख़ रिश्तों को बताया गया है। इस फिल्म की कहानी पूर्व प्रधानमन्त्री के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू द्वारा लिखी गई किताब पर आधारित है। 4 साल तक मनमोहन सिंह के सलाहकार रहे संजय बारू, डॉ.सिंह को करीबी से जानते है। कांग्रेस के नेतृत्व में बनी यूपीए की पहली व दूसरी सरकार के दौरान प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के द्वारा कश्मीर मसले पर अपनाए गए रुख, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और साल 2004 के आम चुनाव को पिक्चर में बखूबी दिखाए जाने का अंदाज़ा ट्रेलर को देखकर लगाया जा सकता है। फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार अनुपम खेर द्वारा निभाया गया है। 2019 की 11 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही इस पिक्चर पर हालांकि मनमोहन सिंह की भूमिका निभाने वाले अनुपम खेर तो कह रहे हैं कि यह डॉ.सिंह को पसंद आएगी, लेकिन जब डॉ. मनमोहन सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि ”मैं एक्सीडेंटल फाइनेंस मिनिस्टर भी था।”
मौन प्रधानमन्त्री के रूप में जाने जाते है मनमोहन सिंह:

गौरतलब है कि 2004 से 2014 तक 10 वर्ष प्रधानमन्त्री रहने वाले डॉ.मनमोहन सिंह के बारे में आम धारणा है कि वे प्रधानमन्त्री की भूमिका में अक्सर मौन रहे है। माना जाता है कि प्रधानमन्त्री के तौर पर मनमोहन सिंह द्वारा किए जाने वाले आधिकारिक कामकाज में भी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का दखल रहता था। साल 2004 में प्रधानमन्त्री के लिए डॉ. मनमोहन सिंह का नाम अचानक से उठना, और फिर सोनिया तथा राहुल गांधी का राष्ट्रीय राजनीति में उभरकर आना इस पिक्चर में दिखाया जाएगा, ट्रेलर को देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
भाजपा ने की देखने की अपील तो कांग्रेस ने बताया दुष्प्रचार:

फिल्म के ट्रेलर के बाद भाजपा के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करके सवाल उठाया कि क्या ”मनमोहन सिंह सिर्फ उस समय तक पीएम की कुर्सी पर बैठे रेजिमेंट थे, जब तक वारिस तैयार नहीं हो गया था?” इसी के साथ ट्रेलर को देखने की अपील भी भाजपा ने कर डाली।
इसके जवाब में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया। जोकि ज़मीनी मुद्दों से भटकाने के लिए किया जा रहा है।

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