बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट कर दिया है कि वे 2019 लोकसभा चुनाव में किसी सीट से दावेदारी नहीं करने जा रही है। बावजूद इसके मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताते हुए और अपने चुनाव न लड़ने से मायूस हुए समर्थकों में उत्साह लाने के लिए घोषणा कर दी कि वो चुनाव बाद भी किसी सीट को खाली करवाकर लोकसभा या राज्यसभा सदस्य बन सकती है। मायावती ने एक ट्वीट में भी कहा कि ”जिस प्रकार 1995 में जब मैं पहली बार यूपी की सीएम बनी थी तब मैं यूपी के किसी भी सदन की सदस्य नहीं थी। ठीक उसी प्रकार केन्द्र में भी पीएम/मंत्री को 6 माह के भीतर लोकसभा/राज्यसभा का सदस्य बनना होता है। इसीलिये अभी मेरे चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से लोगों को कतई मायूस नहीं होना चाहिये।”
गठबंधन को एक-एक सीट जिताने पर ध्यान लगाएगी मायावती:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने स्पष्ट किया कि 2019 लोकसभा चुनाव में फिलहाल बसपा, सपा, आरएलडी गठबंधन को उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत दिलाने पर ही उनका ध्यान रहेगा। मायावती ने कहा कि ”बसपा देश के करोड़ों शोषित, पीड़ित और वंचितों के आत्म स्वाभिमान का आंदोलन है, जिसके खिलाफ विरोधी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। ऐसे में मेरे चुनाव लड़ने से आंदोलन को क्षति होगी। पार्टी कार्यकर्ता सभी सीटों पर ध्यान न देकर, मेरी सीट पर केंद्रित हो जाएंगे जिससे हमारे गठबंधन को चुनाव में नुकसान हो सकता है।”
आगे मायावती ने कहा कि ”मैं उत्तर प्रदेश से चार बार मुख्यमंत्री, दो बार विधायक व चार बार लोकसभा से सांसद निर्वाचित हुई हूं, ऐसी स्थिति में मुझे प्रदेश की किसी भी सीट पर केवल नामांकन भरने के लिए ही जाना होगा बाकी जीत की ज़िम्मेदारी हमारे लोग खुद निभा लेंगे। लेकिन इस समय मेरे लिए किसी सीट से चुनाव लड़ने से अधिक महत्वपूर्ण बसपा, सपा और आरएलडी का प्रदेश की एक-एक सीट पर जीतना है।”






















